FD से भी पा सकते हैं ज्यादा रिटर्न, ये करना होगा

 

FD investment tips : फिक्स्ड डिपॉजिट से ज्यादा मुनाफा कमाने के आसान और सुरक्षित तरीके uplive24.com पर जानिए। सही अवधि, ब्याज विकल्प और बैंक चुनकर अपनी एफडी को बनाएं स्मार्ट निवेश।

FD investment tips : भारत में ज्यादातर लोग जब निवेश के बारे में सोचते हैं तो सबसे पहले Fixed Deposit (FD) का नाम दिमाग में आता है। वजह साफ है - इसमें न कोई रिस्क होता है, न बाजार के उतार-चढ़ाव की चिंता। पैसा सुरक्षित रहता है और तय समय पर तय ब्याज के साथ वापस भी मिल जाता है।

लेकिन अक्सर हम यह सोचकर संतुष्ट हो जाते हैं कि बस पैसा बैंक में रखा है, ब्याज मिल ही जाएगा, जबकि थोड़ी सी समझदारी से यही एफडी आपको बेहतर रिटर्न दे सकती है।

आइए जानते हैं कि एफडी को समझदारी से इस्तेमाल कर आप कैसे अपनी बचत से ज्यादा फायदा उठा सकते हैं (FD investment tips)।

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एक साथ पैसा न लगाएं

मान लीजिए आपको पांच लाख रुपये निवेश करना है। ज्यादातर लोग पूरी रकम एक ही, 5 साल की एफडी में डाल देंगे, ताकि ब्याज ज्यादा मिले। लेकिन अगर अगले साल ब्याज दरें बढ़ जाएं तो या अचानक पैसों की जरूरत पड़ जाए तो?

यहीं काम आती है एफडी लैडरिंग (FD Laddering) की समझदारी। इसमें आप पूरी रकम को तीन या चार हिस्सों में बांट लेते हैं (FD investment tips) - जैसे 1 लाख रुपये की एक साल की एफडी, 1.5 लाख रुपये की 3 साल की एफडी, 2.5 लाख रुपये की 5 साल की एफडी।

अब फायदा यह होगा कि हर कुछ सालों में आपकी कोई न कोई एफडी मैच्योर होगी, जिसे आप नई ब्याज दर पर दोबारा निवेश कर सकते हैं।

इससे तीन लाभ मिलते हैं - आपकी लिक्विडिटी बनी रहती है। जरूरत पड़े तो छोटी अवधि वाली एफडी तोड़ सकते हैं। अगर ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो आपको नई दर का फायदा मिलेगा। कुल रिटर्न भी औसतन ज्यादा हो जाएगा।

सीधी भाषा में कहें तो यह तरीका आपके पैसों को लॉक नहीं, बल्कि लचीला बना देता है।

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ब्याज लेने का तरीका सोच-समझकर चुनिए (FD investment tips)

जब आप एफडी कराते हैं, बैंक आपसे पूछता है कि ब्याज हर महीने, हर तीन महीने या आखिर में चाहिए?

ज्यादातर लोग इस सवाल को औपचारिक मानते हैं, लेकिन यहीं सबसे बड़ा फर्क छिपा है।

अगर आपको हर महीने थोड़ी नियमित आय चाहिए, जैसे रिटायर्ड लोगों को होती है, तो आप Monthly Interest Payout FD चुनिए। इससे हर महीने आपके खाते में ब्याज आता रहेगा।

अगर आपको पैसे की तुरंत जरूरत नहीं है, तो Cumulative FD चुनिए। इसमें ब्याज हर बार जोड़कर अगले ब्याज पर भी ब्याज मिलता है, जिससे कम्पाउंड रिटर्न (Compounding Returns) बढ़ता है।

आप चाहें तो दोनों का मिश्रण भी बना सकते हैं। एक एफडी से नियमित आमदनी और दूसरी से पूंजी वृद्धि। इस तरह आप इनकम और ग्रोथ, दोनों का संतुलन बनाए रख सकते हैं (FD investment tips)।

सभी एफडी एक ही बैंक में न रखें

हम में से ज्यादातर लोग वही करते हैं जो आसान लगता है - खाता जिस बैंक में है, वहीं एफडी करवा ली। पर हर बैंक की ब्याज दरें अलग होती हैं।

उदाहरण के तौर पर, किसी सरकारी बैंक में 5 साल की एफडी पर 6.5% ब्याज मिल रहा है। वहीं एक Small Finance Bank 8% तक दे सकता है। अब अगर आप 5 लाख रुपये अलग-अलग बैंकों में बांट दें, तो आपका औसत ब्याज खुद-ब-खुद बढ़ जाएगा। (FD investment tips)

इसके अलावा, यह तरीका एक तरह से जोखिम कम करने का भी साधन है। अगर किसी बैंक की ब्याज दर घट जाए या किसी कारण से FD पर असर पड़े, तो बाकी बैंकों की एफडी आपका नुकसान संभाल लेंगी। 

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निवेश से पहले ब्याज दरों की तुलना जरूर करें

एफडी कराने से पहले थोड़ा समय निकालकर बैंकों की FD Interest Rates Comparison देख लीजिए।

कई बार सिर्फ 0.5% का अंतर भी बड़ी रकम पर हजारों रुपये ज्यादा दे जाता है।

उदाहरण के लिए, 10 लाख रुपये की एफडी अगर 7% ब्याज पर है, तो 5 साल बाद रिटर्न करीब 14.03 लाख  रुपये होगा। लेकिन अगर यही एफडी 7.5% पर है, तो रिटर्न ₹14.44 लाख होगा। यानी सिर्फ आधा प्रतिशत ज्यादा ब्याज ने 40,000 रुपये का फर्क ला दिया।

इसके अलावा कई बैंक समय-समय पर फेस्टिव ऑफर या स्पेशल एफडी स्कीम लाते हैं। उन पर ध्यान देना भी समझदारी है, क्योंकि ये सीमित समय के लिए ज्यादा ब्याज देते हैं। (FD investment tips)

टैक्स और नामिनी का ध्यान रखें

बहुत लोग एफडी करवाते वक्त टैक्स और नामिनी की जानकारी को नजरअंदाज कर देते हैं। अगर आपकी एफडी से सालाना 40,000 रुपये से ज्यादा ब्याज बनता है, तो बैंक TDS काटेगा। इसलिए कोशिश करें कि एफडी को अलग-अलग परिवार के नामों पर या जोड़ों में करवाएं, ताकि टैक्स बोझ थोड़ा कम हो सके। (FD investment tips)

साथ ही, हर एफडी में नामिनी जरूर जोड़ें। कभी किसी अनहोनी की स्थिति में यह एक छोटा लेकिन बेहद जरूरी कदम साबित होता है।

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एफडी को सिर्फ बचत नहीं, निवेश की रणनीति मानें

फिक्स्ड डिपॉजिट को लोग अक्सर सिर्फ सुरक्षित पैसा रखने की जगह समझते हैं। लेकिन असली समझदार निवेशक इसे एक रणनीतिक निवेश टूल की तरह इस्तेमाल करते हैं।

आप चाहें तो एफडी को म्यूचुअल फंड्स, गोल्ड या सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) जैसे दूसरे साधनों के साथ मिलाकर एक संतुलित पोर्टफोलियो बना सकते हैं। इससे जोखिम कम होगा और रिटर्न स्थिर रहेंगे। (FD investment tips)

एफडी की खूबी यही है कि यह स्थिरता देती है, और अगर सही तरीके से की जाए तो स्मार्ट रिटर्न भी।

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